Gold पर कारोबारी दे रहे तीन साल में सबसे ज्यादा छूट, ये है वजह

Gold : मल्टी कमोडिटी एक्सजेंस (एमसीएक्स) पर सोने का अगस्त अनुबंध बीते सप्ताह शुक्रवार को पिछले सत्र के मुकाबले 243 रुपये यानी 0.70 फीसदी की तेजी के साथ 34,944 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ.
आम बजट में महंगी धातुओं पर आयात शुल्क में 2.5 फीसदी की वृद्धि की घोषणा के बाद सोने के दाम में जबरदस्त तेजी आई है और पीली धातु का भाव घरेलू वायदा बाजार में बीते सप्ताह गुरुवार को सबसे ऊंचे स्तर 35,145 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चला गया. सोने के भाव में आई इस तेजी के बाद घरेलू बाजार में मांग कमजोर होने के कारण कारोबारियों ने सोने के भाव पर 30 डॉलर प्रति औंस तक छूट देना शुरू कर दिया है जो कि पिछले तीन साल में सर्वाधिक छूट है.

केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया ने कहा कि अक्षय तृतीया के मौके पर भारत में सोने का भाव प्रीमियम (अधिमूल्य) पर चल रहा था, लेकिन सोने पर आयात शुल्क में वृद्धि होने के बाद सोने के भाव पर छूट में इजाफा हुआ है. उन्होंने बताया कि सोने के भाव पर डिस्काउंट व प्रीमियम की तुलना लंदन बुनियन मार्केट एसोसिएशन में की जाती है.

घरेलू बाजार में सोने के भाव में तेजी के बाद मांग कमजोर होने के कारण भारी छूट दी जा रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सजेंस (एमसीएक्स) पर सोने का अगस्त अनुबंध बीते सप्ताह शुक्रवार को पिछले सत्र के मुकाबले 243 रुपये यानी 0.70 फीसदी की तेजी के साथ 34,944 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. एमसीएक्स पर सोने का भाव गुरुवार को 35,145 रुपये प्रति 10 ग्राम तक उछला था जोकि अब तक का सर्वाधिक ऊंचा स्तर है.
अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार कॉमेक्स पर सोने का भाव बीते सप्ताह के आखिरी सत्र में शुक्रवार को 10.95 डॉलर यानी 0.78 फीसदी की तेजी के साथ 1,717.65 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ था. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पांच जुलाई को संसद में आम बजट 2019-20 पेश करते हुए महंगी धातुओं पर सीमा शुल्क 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी करने की घोषणा की. जिसके बाद सोने के भाव में जबरदस्त उछाल आया है.

सीमा शुल्क में वृद्धि के बाद भारत में सोने का आयात महंगा हो गया है. सरकार द्वारा महंगी धातुओं पर सीमा शुल्क में वृद्धि करने का मकसद सोने के आयात में कमी लाना है क्योंकि सोने के आयात के लिए काफी मात्रा में विदेशी मुद्रा की आवश्यकता होती है.

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