₹34000 के पार पहुंचा सोना, 10 फीसदी गिरी मांग

कोलकाता. सोने के दाम पिछले दो हफ्तों से लगातार बढ़ रहे हैं. वायदा में इसकी कीमत 14 महीनों की ऊंचाई पर पहुंच गई है वहीं, हाजिर बाजारों की बात करें तो सोने का भाव 34000 रुपये के आसपास टिका हुआ है. इस वजह से सोने की मांग में 10 फीसदी की गिरावट आई है.

इस महीने की में शुरुआत हाजिर में सोने का भाव 32,305 रुपये प्रति दस ग्राम था जोकि 18 जून को सोने का भाव 34,000 रुपये पर प्रति दस ग्राम के आसपास पहुंच गया. इसमें जीएसटी भी शामिल है. हालांकि कोटक महिंद्रा में कीमती धातु विभाग के वाइस प्रेसिडेंट शेखर भंडारी का कहना है कि गोल्ड की कीमत तीन फीसदी और बढ़ने की उम्मीद है. भंडारी ने बताया, ‘कमजोर डॉलर, मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने और कच्चे तेल के दाम चढ़ने से सोने की कीमतों में तेजी आएगी.’

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी सोने के भाव पिछले दो महीनों में तेजी से बढ़े हैं. 1,270 डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर से इसमें तेज रिकवरी हुई है. कमोडिटी की अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट कीमत हाल के निचले स्तरों से 7 फीसदी उछलकर 1,350 डॉलर के करीब स्थिर हो गई थीं.

ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल के चेयरमैन अनंत पद्मनाभन ने बताया, ‘मई में डिमांड स्थिर थी, लेकिन सोने की कीमत 32,000 रुपये से ज्यादा होने के बाद जून से इसमें अचानक गिरावट आई. इसके चलते पिछले 2 हफ्तों में डिमांड 10 फीसदी गिर गई.’ 30 मई को सोने की कीमत 31,761 रुपये थी, लेकिन 31 मई को यह 32,000 रुपये का स्तर पार कर गई थी. इसके चलते खरीदार सोना खरीदने से कतराने लगे.

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटी) तपन पटेल ने बताया, ‘ट्रेड टेंशन, अमेरिकी सेंट्रल बैंक के ब्याज दरों में नरमी के संकेत देने से निवेशकों ने काफी गोल्ड खरीदा. इस वजह से हाल में इसके दाम बढ़े हैं. ओमान की खाड़ी में टैंकरों पर हमले के बाद ईरान के साथ अमेरिका का टकराव बढ़ा है. इस वजह से सोने से रिस्क प्रीमियम भी जुड़ गया है.’

बुलियन डीलर्स का कहना है कि इस हफ्ते गोल्ड में बिकवाली हो सकती है क्योंकि लोग बढ़ी हुई कीमतों का फायदा उठाने के लिए सोना बेचने की कोशिश कर सकते हैं. पटेल ने बताया, ‘घरेलू मांग घटने के बावजूद भारत में सोने की कीमतों को मजबूत वैश्विक दामों और रुपये की कीमत गिरने से सपोर्ट मिल रहा है. सोने में हम मुनाफावसूली की उम्मीद कर सकते हैं, क्योंकि ट्रेडर्स शादी के सीजन से पहले खरीदे गए सोने को बेचना चाहेंगे. वहीं आने वाले बजट सत्र में सोने पर आयात शुल्क बढ़ सकता है. इस वजह से भी इसकी खरीदारी कमजोर रह सकती है.’

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