सेंसेक्स टुडे | शेयर बाजार: मजबूत शुरुआत, भारती एयरटेल 10% ऊपर

नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजारों ने सोमवार को तेजी के साथ सत्र का आगाज किया. मोबाइल सेवा देने वाली कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त तेजी दिखी. उधर, कच्चे तेल की कीमतों में 4 फीसदी तक गिरावट आई है. क्रूड का सस्ता होना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है.

सितंबर तिमाही में भारत की विकास दर महज 4.5 फीसदी की दर से बढ़ी, जो जून तिमाही में 5 फीसदी थी. यह बीते साढ़े छह सालों में भारत की सबसे खराब विकास दर है. हालांकि, नवंबर में सरकार ने जीएसटी के जरिए 1.03 लाख करोड़ रुपये एकत्रित किए.

इस हफ्ते भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा करेगा. माना जा रहा है कि वह रेपो रेट में एक-चौथाई फीसदी की कमी कर सकता है. इस पर बाजार की नजर रहेगी

सुबह 9.30 बजे, बीएसई सेंसेक्स 127 अंक या 0.31 फीसदी की तेजी के साथ 40,921 के स्तर पर कारोबार करते नजर आया. वहीं, निफ्टी 50 इंडेक्स भी 28 अंक या 0.23 फीसदी की बढ़त के साथ 12,084 पर था.

शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजारों ने निराश किया. डाव जोन्स ने 0.40 फीसदी का गोता लगाया, जबकि एसएंडपी 50 इंडेक्स भी 0.40 फीसदी गिरकर बंद हुआ. नेस्डेक कंपोजिट ने 0.46 फीसदी की कमजोरी के साथ सत्र का अंत किया.

बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने एक चौथाई फीसदी तक की गिरावट दर्ज की. बीएसई पर ज्यादातर सूचकांक लाल निशान में रिकॉर्ड किए गए. टेलिकॉम इंडेक्स ने 7 फीसदी तक छलांग लगाई. एनर्जी इंडेक्स दो फीसदी से अधिक मजबूत हुआ.

बीएसई सेंसेक्स पर Bharti Airtel के शेयर 8.34 फीसदी की तेजी के साथ 479.20 रुपये के हो गए. Reliance Industries के शेयर 3.43 फीसदी की बढ़त दर्ज कर 1,604.05 रुपये तक पहुंचे. Axis Bank, Infosys और IndusInd Bank के शेयर क्रमश: 0.54 फीसदी, 0.43 फीसदी और 0.42 फीसदी चढ़े.

दूसरी तरफ, ONGC के शेयर 2.43 फीसदी की कमजोरी के साथ 128.55 रुपये के हो गए. Bajaj Finance के शेयर 2.19 फीसदी की लुढ़क कर 39,83.95 रुपये तक फिसले. Tech Mahindra, Yes Bank और Power Grid के शेयर क्रमश: 2.13 फीसदी, 1.24 फीसदी और 1.11 फीसदी तक टूटे.

भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरो ने 20 फीसदी तक की छलांग लगाई है. इन टेलिकॉम कंपनियों में अपने प्लान की कीमतों में इजाफा किया है, जिसके चलते इन शेयरों में जोश भर गया है.

सितंबर तिमाही में भारत की विकास दर महज 4.5 फीसदी की दर से बढ़ी, जो जून तिमाही में 5 फीसदी थी. यह बीते साढ़े छह सालों में भारत की सबसे खराब विकास दर है. हालांकि, नवंबर में सरकार ने जीएसटी के जरिए 1.03 लाख करोड़ रुपये एकत्रित किए.

नवंबर के अंतिम सत्र के दौरान विदेशी पोर्टफोलियो (FPI) ने भारतीय बाजार में नेट 1892.29 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. हालांकि, पूरे नवंबर के दौरान उन्होंने शुद्ध रूप से 25,230 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. घरेलू संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को नेट 953.62 करोड़ रुपये के शेयरों की खरीदारी की.

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