सिद्धार्थ के लापता होने से 20% टूटा काफी डे का शेयर, मिनटों में निवेशकों के 2200 करोड़ डूबे

देश की सबसे बड़ी कॉफी चेन कैफे कॉफी डे (CCD) के मालिक वीजी सिद्धार्थ लापता हैं. कैफे कॉफी डे (CCD) ब्रांड को चलाने वाली कंपनी कॉफी डे एंटरप्राइजेज ने शेयर बाजार को दी जानकारी में इस बात की पुष्टि की. कंपनी ने इस ब्यान से मंगलवार को शेयर बाजार में BSE पर कॉफी डे का शेयर 20 फीसदी टूट गया. यह शेयर का 52 हफ्ते का निचला स्तर है. शेयर में लोअर सर्किट लग गया. सिद्धार्थ के अचानक लापता होने से निवेशकों में हलचल देखने को मिली और सबने अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया. यही वजह रही कि स्टॉक का प्राइस गिरकर 154.05 फीसदी पर आ गया.

झटके में डूबे 2200 करोड़ रुपए

स्टॉक में गिरावट से निवेशकों को भी झटका लगा. मिनटों में निवेशकों के 2188.22 करोड़ रुपए डूब गए हैं. कॉफी डे इंटरप्राइजेज का शेयर सोमवार को 192.55 रुपये के भाव पर बंद हुआ था. वहीं, आज बाजार खुलते ही शेयर अपने 52 हफ्तों के लो 154.05 रुपए पर आ गया. शेयर के इस भाव पर आते ही कंपनी का मार्केट कैप घटकर 3,254.33 करोड़ रह गया. सोमवार को यह 5442.55 करोड़ रुपए था. यानी एक झटके में निवेशकों के 2188.22 करोड़ रुपए डूब गए.

सामने आई ये चिट्ठी

वीजी सिद्धार्थ ने लिखा है कि 37 वर्षों के कठिन परिश्रम से अपनी कंपनियों में 30 हजार नौकरियों को सृजित किया. उस टेक्‍नोलॉजी कंपनी में भी 20 हजार नौकरियां सृजित कीं, जिसमें इसकी शुरुआत से ही बड़े शेयरधारक रहे. लेकिन, अपने तमाम प्रयासों के बावजूद इन कंपनियों को लाभ का बिजनेस बनाने में नाकाम रहे. उन्‍होंने लिखा कि मुझ पर कर्जदाताओं का अत्‍यधिक दबाव है. किसी को धोखा देना मकसद कभी नहीं रहा, लेकिन एक उद्यमी के रूप में फेल रहा. उम्‍मीद है कि किसी दिन आप लोग इसको समझेंगे और मुझे माफ कर देंगे.

प्रताड़ना का आरोप

सिद्धार्थ ने अपने लेटर में इनकम टैक्स के अधिकारी का जिक्र भी किया है. उन्होंने लिखा कि मुझ पर भरोसा करने वाले सभी लोगों से माफी मांगता हूं, मैं लंबी लड़ाई के बाद आज सभी से माफी मांगता हूं. मैं कर्जदारों का दवाब नहीं झेल पाया. इनकम टैक्स के एक पूर्व डीजी ने भी काफी प्रताड़ित किया. माइंडट्री डील को अटकाने का प्रयास किया गया. इससे नकदी की दिक्कतें काफी गंभीर हो गईं.

हरकत में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट

वी.जी सिद्धार्थ के आरोपों पर इनकम टैक्स विभाग हरकत में आया है. इनकम टैक्स विभाग आरोपों की छानबीन में जुट गया है कि जिस DG पर आरोप लगा है उसके खिलाफ शिकायत नहीं है. इनकम टैक्स विभाग सिद्धार्थ की देनदारी की जांच कर रहा है.

टैक्स विवाद में फंसे थे सिद्धार्थ

2017 में टैक्स चोरी मामले में IT विभाग ने जांच की.
2017 में 20 जगहों पर IT विभाग की छापेमारी.
`650 करोड़ की अवैध आय का पता चला था.
माइंडट्री में 20% हिस्सा बेचने में सिद्धार्थ को देरी हुई.
IT विभाग ने सिद्धार्थ को CCD के शेयर बेचने से रोका था.
जनवरी 2019 में 74.9 लाख शेयर 6 महीने पर बेचने से रोका था.
टैक्स मांग के चलते IT विभाग ने शेयर कब्जे में लिए थे.

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