मोदी सरकार पर विदेशी निवेशकों को भरोसा, किया ₹82,575 करोड़ निवेश

मुंबई: नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए को इस साल मई में हुए आम चुनावों में शानदार जीत मिली थी. अब ऐसा लगता है कि मोदी पर सिर्फ वोटर ही नहीं बल्कि विदेशी निवेशकों को भी पूरा भरोसा है.

इस साल विदेशी फंडों ने भारत में बंपर निवेश किया है. मोदी राज के पांच सालों में इनका निवेश सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया है. साल 2019 में अभी तक विदेशी निवेशक भारत में 82,575 करोड़ रुपये का निवेश कर चुके हैं, जो 2014 के बाद (मोदी राज) से सबसे ज्यादा है.

उभरते हुए बाजारों में निवेश के पसंदीदा जगहों में भारत दूसरे स्थान पर कायम है. भारत से आगे सिर्फ चीन है. विदेशी निवेशकों के लगातार निवेश के चलते ही प्रमुख सूचकांक अपने शिखर के करीब हैं.

विदेशी निवेश में सबसे बड़ी भूमिका योग्य संस्थागत प्लेसमेंट (QIP) और ऑफर फॉर सेल (OFS) की है. इसमें दो बड़ी बीमा कंपनियों का नाम सबसे ऊपर है. कॉर्पोरेट टैक्स की दरों में कटौती से भी विदेश निवेश बढ़ा है. हांगकांग में विरोध प्रदर्शनों के चलते भी भारत का आकर्षण बढ़ा है.

साल 2014 में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 97,350 करोड़ रुपये का निवेश किया था. इसमें से 41,000 करोड़ रुपये जनवरी से मई के दौरान आया था. नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. साल 2015 से 2018 के बीच विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार में 57,656 करोड़ का निवेश किया.

डीएसपी म्यूचुअल फंड के वरिष्ठ फंड मैनेजर गोपल अग्रवाल ने कहा, “QIP और FPO की मांग अच्छी है. कॉर्पोरेट टैक्स की दरों में कटौती हुई है, बढ़ा हुआ सरचार्ज भी वापस ले लिया गया है, रुपये का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर है. हांगकांग में मची उथल-पुथल ने विदेशी निवेश को भारत की तरफ खींचा है.

इन सब बातों के अलावा, अगस्त में रिजर्व बैंक की तरफ से सरकार को रिकॉर्ड सरप्लस मिलने के चलते सरकार खर्च बढ़ा सकती है. कॉर्पोरेट टैक्स की दरों में कटौती से भी कंपनियों की कमाई बढ़ेगी. इन बातों ने नकारात्मक सेंटिमेंट को दूर किया.

जुलाई में बजट पेश होने के बाद से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भारतीय शेयर बाजार के प्रति सतर्क बने हुए थे. बजट में बढ़े टैक्स सरचार्ज को वापस लिए जाने के बाद से उन्होंने निवेश बढ़ाया है. 1 सितंबर के बाद से ये निवेशक भारत में 31,000 करोड़ रुपये के शेयर खरीद चुके हैं.

20 सितंबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कॉर्पोरेट टैक्स की दर 35 फीसदी से घटाकर 25 फीसदी कर दिया. नई मैन्यूफैक्चरिंग इकाइयों के लिए टैक्स की दरें 25 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी कर दी गई हैं. इससे कॉर्पोरेट कमाई में सुधार और नए निवेश की उम्मीदे बढ़ी हैं.

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