मूडीज ने घटाई भारत की रेटिंग, सरकार ने अर्थव्यवस्था को मजबूत बताया

वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज इंवेस्टर सर्विसेज ने भारत की रेटिंग घटा दी है. देश के आर्थिक विकास पर चिंता जाहिर करते हुए एजेंसी ने भारत की रेटिंग को ‘स्थिर’ से ‘नकारात्मक’ कर दिया है. उसके अनुसार, भारत का आर्थिक विकास पहले की तुलना में कमजोर रहने वाला है.

मूडीज ने भारत के लिए विदेशी करेंसी और लोकल करेंसी की लंबी अवधि रेटिंग को Baa2 कर दिया है. एजेंसी ने कहा, “मूडीज का नजरिया बदलने का फैसला आर्थिक विकास पर मंडरा रहे जोखिम के चलते है, जो दर्शाता है कि भारत की विकास दर पहले की तुलना में कमजोर रहने वाली है.”

मूडीज ने कहा, “भारत के प्रति नजरिए में गिरावट आर्थिक और संस्थागत कमजोरी से निपटने के लिए सरकार की नीतियों के बेअसर होने के कारण आई है. यह असर मूडीज के अनुमान की तुलना में फीका है, जिसके चलते कर्ज का दबाव लगातार बढ़ रहा है.”

एजेंसी ने कहा, “आगामी सुधारों के आसार से बिजनेस में निवेश बेहतर होगा और ग्रोथ का स्तर बढ़ सकता है. इससे टैक्स संग्रह में भी सुधार हो सकता है.” एजेंसी के अनुसार, यदि विकास दर नहीं बढ़ी तो सरकार पर बजट घाटा को कम करने का खासा दबाव होगा, ताकि कर्ज ने बढ़े.

सरकार के कदमों से अर्थव्यस्था में जारी आर्थिक कमजोरी का असर घटेगा. मगर रोजगार के कम होते अवसर, ग्रामीण घरों में जारी वित्तीय दबाब और NFBC सेक्टर पर दबाव से इसके लंबी खिंचने के आसार बन सकते हैं.

सरकार ने अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए हाल की में कई बड़े कदम उठाए हैं. मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार ने वैश्विक कमजोरी से निपटने के लिए सक्रियता से नीतिगत फैसले लिए हैं. इसका सकारात्मक प्रभाव नजर आ रहा है. इन फैसलों के चलते भारत में निवेश बढ़ेगा.

बकौल मंत्रालय, “अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है. मंहगाई दर काबू में है और बॉन्ड यील्ड भी कम है. भारत निकट भविष्य और मध्यमावधि में विकास के मजबूत आसार दिखा रहा है.” हालांकि, मूडीज ने भारत की दीर्घावधि विदेशी करेंसी बॉन्ड और बैंक डिपोजिट की रेटिंग को नहीं बदला है.

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