जल्द खत्म होगा US-China ट्रेड वॉर, दोनों देशों के व्यापार को मिली सैद्धांतिक मंजूरी

अमेरिका और चीन के बीच पिछले एक साल से चल रहा व्यापार युद्ध अब खत्म होने के कगार पर है. अमेरिका और चीन के बीच व्यापार को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है. अमेरिका के वित्त सचिव ने कहा है कि दोनों देशों के बीच कारोबार को लेकर 90 फीसदी डील पूरी हो चुकी है. जी-20 की बैठक से पहले यूएस-चीन के बीच व्यापार को सैद्धांतिक मंजूरी को कारोबार जगत के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है.

यूएस-चीन के बीच आपसी सहमति दुनियाभर के बाजारों के लिए महत्वपूर्ण है. क्रूड ऑयल तथा सोना के कारोबार के लिए अहम है.

जी-20 बैठक से ठीक पहले दोनों देशों के बीच रिश्तों में आई नरमी से संकेत मिल रहे हैं कि बैठक शानदार तरीके से होगी और कुछ ठोस फैसले लिए जाएंगे.

अमेरिका के वित्त सचिव के इस संकेत के बाद अमेरिकी वायदा बाजार में तेजी देखने को मिली.

एचडीएफसी सिक्योरिटिज के वीके शर्मा ने बताया कि दोनों देशों के बीच चल रहा व्यापार युद्ध जैसे-जैसे खत्म होने की ओर जाएगा, क्रूड ऑयल में उछाल देखने को मिलेगा, जोकि भारत के लिए चिंता का विषय बनेगा. वीके शर्मा का कहना है कि अमेरिका-चीन के बीच ट्रेड वॉर की किसी भी स्थिति से भारत पर कोई खास असर नहीं होगा.

आईआईएफएल के संजीव भसीन का इस पर कहना है कि अमेरिका और चीन के बीच डील होने पर मेटल, ऑटो सेक्टर में उछाल देखने को मिलेगा. और इसका असर देखा भी जा रहा है.

जापान में जी-20 शिखर सम्मेलन

बता दें कि इस बार जी-20 शिखर सम्मेलन 27-29 जून के बीच जापान में हो रहा है. जापान के ओसाका शहर में आयोजित किया जा रहा है. इस सम्मेलन में शिरकत करने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान पहुंच चुके हैं.

जी-20 विश्व की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नर्स का एक संगठन है, जिसमें 19 देश और यूरोपीय संघ शामिल हैं. जी-20 ग्रुप में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, ब्रिटेन और अमेरिका जी-20 के सदस्य हैं.

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