क्रूड ऑयल में 28 साल की सबसे बड़ी तेजी, इन शेयरों पर पड़ेगा असर

नई दिल्ली: सऊदी अरब के अबकैक और खुरैस स्थित रिफाइनरी और ऑयल फील्ड पर हुए ड्रोन हमले से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है. ऐसा होने पर क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी जारी रह सकती है.

विश्लेषकों का मानना है कि यह कुछ भारतीय कंपनियों के लिए भी बुरी खबर होगी. इसकी वजह यह है कि ये कंपनियां क्रूड की प्रोसेसिंग से बनने वाले उत्पादों (डेरिवेटिव) का इस्तेमाल कच्चे माल के रूप में करती हैं. इनमें उड्डयन, पेंट, टायर, ऑयल एंड गैस, ऑटो और ऑटो पार्ट्स की कंपनियां शामिल हैं.

सोमवार को ब्रेंट फ्यूचर्स 19.5 फीसदी चढ़कर $71 प्रति बैरल पर पहुंच गया. यह फीसदी के लिहाज से साल 1991 के बाद क्रूड में एक दिन में आई सबसे बड़ी तेजी है. शुरुआती कारोबार में कीमतों में 10 फीसदी तक का इजाफा देखने को मिला था.

कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के लिए बुरी खबर है. एमके ग्लोबल का मानना है कि यह गेल के लिए अच्छी खबर है. इसके अलावा, क्रू़ड के लिए $65-70 का दायरा ONGC और ऑयल इंडिया के लिए भी अच्छी खबर ही है.

एमके ग्लोबल ने कहा, “सऊदी की तेल इकाइयां विरोधियों और बागियों के हमलों का शिकार बन सकती हैं. इससे तेल की कीमत का प्रीमियम बढ़ेगा. सऊदी अरब भी जवाब कार्रवाई कर सकता है. इससे ईरान के साथ संघर्ष बढ़ सकता है. इसके कई दुष्परिणाम हो सकते हैं.”

टार्गेट इंवेस्टिंग के समीर कालरा ने कहा कि अबकैक में हुआ हमला गंभीर है. यह रिफाइनरी प्रति दिन हार्ड क्रूड के 70 लाख बैरल को लाइट क्रूड में प्रोसेस करती है. ज्यादातर रिफाइनरी में सिर्फ लाइट क्रूड की ही प्रोसेसिंग होती है. इस वजह से वे इस रिफाइनरी पर निर्भर करती हैं.

रिलायंस कमोडिटीज के प्रमुख प्रीतम कुमार पटनायक का मानना है कि इन हमलों के बाद खबर है कि सऊदी अरब अपना उत्पादन घटा सकता है. इस खबर ने भी तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है. इसका असर कई भारतीय कंपनियों पर पड़ने वाला है.

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